झारखंड में 26 हजार से अधिक सरकारी कर्मचारियों की डिजिटल सर्विस बुक एंट्री अधूरी
राजभवन से लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय तक कई विभागों में डेटा एंट्री कार्य लंबित
रांची से बड़ी खबर
झारखंड सरकार के विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की डिजिटल सर्विस बुक एंट्री का कार्य अब तक पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है। राज्य के कुल 1,80,548 पेरोल कर्मचारियों में से केवल 1,54,281 कर्मचारियों का डेटा ही सेल्फ-वेरिफाइड स्थिति तक पहुंच पाया है।
इसका मतलब है कि 26,267 सरकारी कर्मचारियों की डिजिटल सर्विस बुक एंट्री अभी भी अधूरी पड़ी हुई है। हैरानी की बात यह है कि राजभवन, मुख्यमंत्री सचिवालय और मुख्य सचिव कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण कार्यालयों में भी डेटा एंट्री का कार्य अधूरा है।
विभागवार स्थिति
| विभाग | कुल कर्मचारी | सेल्फ वेरिफाइड | अधूरी एंट्री |
|---|---|---|---|
| गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन | 69,652 | 63,730 | 5,922 |
| स्कूली शिक्षा विभाग | 44,671 | 49,058 | 5,829 |
| स्वास्थ्य विभाग | 11,015 | 7,534 | 3,481 |
| जल संसाधन विभाग | 7,642 | 3,954 | 3,688 |
| वन एवं पर्यावरण | 3,465 | 2,834 | 631 |
| कृषि विभाग | 2,870 | 718 | 2,152 |
| पशुपालन विभाग | 2,517 | 1,560 | 957 |
| सहकारिता विभाग | 888 | 454 | 434 |
| रोजगार एवं कौशल विभाग | 1,483 | 906 | 577 |
| जेपीएससी | 88 | 34 | 54 |
| विधि विभाग | 4,165 | 12 | 4,153 |
मुख्यमंत्री सचिवालय और राजभवन की स्थिति
राजभवन सचिवालय में 183 स्वीकृत पद हैं, लेकिन केवल 56 कर्मचारियों का ही डेटा अंतिम रूप से सेल्फ-वेरिफाइड हो पाया है।
मुख्यमंत्री सचिवालय में 120 स्वीकृत पदों में से केवल 5 कर्मचारियों की डेटा एंट्री पूरी हो सकी है।
वहीं मुख्य सचिव कार्यालय में कुल 32 स्वीकृत पदों के मुकाबले सिर्फ 3 कर्मचारियों का डेटा ही सिस्टम में दर्ज किया गया है।
• प्रमोशन में देरी हो सकती है।
• रिटायरमेंट के बाद पेंशन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
• ऑनलाइन सर्विस हिस्ट्री उपलब्ध नहीं हो पाती।
• कर्मचारियों को त्रुटि सुधारने का अवसर नहीं मिल पाता।