गोड्डा में बेमौसम बारिश से फसलें चौपट — प्रशासन ने जारी की आपात सूचना
72 घंटे के भीतर किसान करें बीमा दावा, जिला जनसम्पर्क कार्यालय ने जारी किया निर्देश
सूचना भवन, गोड्डा। जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही चक्रवाती बारिश और तेज़ हवाओं ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी धान, मक्का और अरहर की फसलें जलमग्न हो गई हैं। कई इलाकों में मिट्टी कटाव से खेतों की उर्वरता पर भी असर पड़ा है। इस बीच जिला जनसम्पर्क कार्यालय, गोड्डा द्वारा एक आपात प्रेस विज्ञप्ति जारी कर किसानों से फसल बीमा दावा दर्ज करने की अपील की गई है।
विज्ञप्ति के अनुसार, “बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना” के तहत जिन किसानों ने खरीफ 2025-26 में धान, मक्का या अन्य फसलों का बीमा कराया है, वे 72 घंटे के भीतर नुकसान की शिकायत दर्ज करें। शिकायत दर्ज करने के लिए कृषि हेल्पलाइन नंबर 14447 जारी किया गया है। किसानों को कॉल करते समय अपना बीमा नंबर, आवेदन संख्या, नाम, ग्राम एवं प्रखंड का नाम बताना अनिवार्य होगा।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन किसानों की फसल ओलावृष्टि, चक्रवाती तूफान, बेमौसम बारिश या आग से क्षतिग्रस्त हुई है, वही इस दावे के पात्र होंगे। देर से की गई शिकायतों पर बीमा दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिला सहकारिता पदाधिकारी गोड्डा ने बताया कि बीमा कंपनी ICICI Lombard General Insurance Company Ltd को सभी दावे भेजे जाएंगे। कंपनी द्वारा सत्यापन के बाद पात्र किसानों को शीघ्र मुआवज़ा प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा — “किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि किसी भी स्थिति में शिकायत करने में देरी न करें। 72 घंटे की समयसीमा बेहद सख्त है।”
जिला प्रशासन ने सभी अंचल अधिकारियों और कृषि कर्मियों को निर्देश दिया है कि वे प्रभावित इलाकों का तुरंत सर्वेक्षण करें और किसानों की मदद करें। इसके साथ ही किसानों को अपने स्तर से भी फोटो और प्रमाण सहित आवेदन जमा करने की सलाह दी गई है, ताकि बीमा दावा प्रक्रिया में आसानी हो।
गोड्डा के कई प्रखंडों जैसे बसंतराय, मेहरमा, पोड़ैयाहाट, सुंदरपहाड़ी और ठाकुरगंगटी से फसलों के नुकसान की सूचना सबसे अधिक मिल रही है। ग्रामीण इलाकों में कई किसानों ने बताया कि पूरी फसल जलभराव में डूब चुकी है और पशुओं के लिए चारे की भी भारी कमी हो गई है।
प्रशासन ने किसानों को यह भरोसा दिलाया है कि किसी भी पात्र किसान को राहत से वंचित नहीं किया जाएगा। जिला जनसम्पर्क कार्यालय ने स्पष्ट किया कि यदि कोई किसान फोन से शिकायत दर्ज नहीं करा पा रहा है, तो वह जिला सहकारिता पदाधिकारी या जिला कृषि पदाधिकारी, गोड्डा के कार्यालय में जाकर लिखित आवेदन जमा कर सकता है।
इस बीच, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि वे बारिश और फसल क्षति की स्थिति पर विशेष रिपोर्ट तैयार करें। राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है और हर संभव राहत उपलब्ध कराई जाएगी।
महत्वपूर्ण सूचना: सभी किसान ध्यान दें — फसल कटाई के 14 दिनों के भीतर हुई प्राकृतिक क्षति की ही भरपाई की जाएगी। शिकायत केवल 72 घंटे के भीतर दर्ज करें।
— जिला जनसम्पर्क कार्यालय, गोड्डा
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