कैवा गांव में आग का कहर: सोते बच्चों के बीच लगी आग, मासूम बच्ची बुरी तरह झुलसी

झारखंड के बसंतराय प्रखंड अंतर्गत कैवा पंचायत के कैवा गांव में बीती रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां भीषण आग लगने से एक गरीब परिवार का पूरा आशियाना जलकर राख हो गया। यह दर्दनाक हादसा गांव निवासी मोहम्मद अब्बास के घर में हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।

घटना के समय घर की महिला सदस्य खेत में गेहूं की तैयारी के लिए गई हुई थी, जबकि छोटे-छोटे मासूम बच्चे घर के अंदर सो रहे थे। इसी दौरान अचानक आग की लपटें उठीं और कुछ ही मिनटों में पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज थी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

ग्रामीणों के शोर मचाने पर लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग बुझाने की कोशिश करने लगे। इसी बीच अब्बास की पत्नी ने बताया कि उनकी 10 वर्षीय बेटी शाहाना खातून अभी भी घर के अंदर फंसी हुई है। यह सुनते ही गांव के लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना आग में घुसकर बच्ची को बाहर निकाला।

हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी। शाहाना खातून बुरी तरह झुलस चुकी थी। उसके चेहरे, हाथ और पैरों में गंभीर जलने के निशान हैं। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

इस हादसे में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। घर में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, जरूरी कागजात और अन्य घरेलू सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। पीड़ित परिवार पहले से ही आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है और दुखद बात यह है कि अब तक उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।

परिवार की स्थिति और भी चिंताजनक इसलिए है क्योंकि मोहम्मद अब्बास खुद कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और मुंबई के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। ऐसे में यह हादसा उनके परिवार के लिए दोहरी मार बनकर सामने आया है।

घटना के बाद पीड़ित परिवार के सामने खाने और रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। वहीं इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला मुख्यालय करीब 30–32 किलोमीटर दूर होने के कारण अग्निशमन वाहन समय पर नहीं पहुंच पाता, जिससे हर साल गर्मी के दिनों में कई घर जलकर खाक हो जाते हैं।

ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रत्येक प्रखंड स्तर पर अग्निशमन की स्थायी व्यवस्था की जाए ताकि समय रहते ऐसी घटनाओं पर काबू पाया जा सके। साथ ही जनप्रतिनिधियों पर भी नाराजगी जताई गई है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जरूरत के समय कोई साथ नहीं देता।

घटना की सूचना मिलने पर भाभी मुखिया प्रत्याशी वसीम अकरम मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहयोग प्रदान किया। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस राहत नहीं मिल पाई है।

बताते चलें कि बसंतराय प्रखंड मुख्यालय में वर्तमान में कोई भी अग्निशमन वाहन उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण हर साल इस तरह की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में केवां क्षेत्र से भी एक घर जलने की खबर आई थी, जिसमें एक छोटी बच्ची के हाथ, सिर और शरीर के कई हिस्से बुरी तरह झुलस गए थे।

अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक गरीब परिवार इस तरह की त्रासदी झेलते रहेंगे और कब प्रशासन उनकी सुध लेगा?



MD ASIF EQUBAL

Md Asif Equbal एक समर्पित संवाददाता और पत्रकार हैं, जो समाज, शिक्षा और स्थानीय खबरों को सरल और सटीक तरीके से पाठकों तक पहुँचाते हैं। वे तथ्यपरक और निष्पक्ष रिपोर्टिंग में विश्वास रखते हैं और हर खबर को समय पर प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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