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रांची पीएमएलए कोर्ट ने पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की जमानत पर लगाई सख्त शर्तें
रांची से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है जहां मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब पीएमएलए की विशेष अदालत ने उनकी रिहाई के लिए कई महत्वपूर्ण शर्तें तय कर दी हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जमानत केवल शर्तों के पालन के बाद ही प्रभावी होगी।
विशेष पीएमएलए कोर्ट ने आदेश दिया है कि आलमगीर आलम को जेल से बाहर आने के लिए एक-एक लाख रुपये के दो निजी मुचलके जमा करने होंगे। इसके अलावा अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि वह अपना पासपोर्ट कोर्ट में जमा करेंगे ताकि बिना अनुमति देश छोड़ने की संभावना समाप्त हो सके।
अदालत ने जमानत अवधि के दौरान आलमगीर आलम को इस मामले से जुड़े गवाहों से दूर रहने का सख्त निर्देश दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि यदि किसी प्रकार से गवाहों को प्रभावित करने या जांच में बाधा डालने की कोशिश की गई तो जमानत रद्द की जा सकती है।
गौरतलब है कि मंगलवार को सुप्रीम Court ने आलमगीर आलम को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहत देते हुए जमानत मंजूर की थी। शीर्ष अदालत ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया था कि वह अपने स्तर पर जमानत की शर्तें तय करे। इसी के आलोक में रांची स्थित पीएमएलए कोर्ट ने यह विस्तृत आदेश जारी किया।
इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। समर्थकों ने जहां राहत की बात कही है वहीं विपक्ष इस पूरे मामले पर सरकार और जांच एजेंसियों को घेरने में जुट गया है।
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आलमगीर आलम कब तक सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर जेल से बाहर आते हैं। मामले की अगली सुनवाई और जांच की दिशा को लेकर भी राजनीतिक और कानूनी विशेषज्ञ लगातार नजर बनाए हुए हैं।