स्वर्णरेखा नदी में मिला 80 साल पुराना अमेरिकी बम, इलाके में हड़कंप
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत स्वर्णरेखा नदी में बालू खनन के दौरान एक बेहद खतरनाक और रहस्यमयी बम मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि नदी में काम कर रहे मजदूर रोज की तरह बालू निकालने का काम कर रहे थे, तभी अचानक उन्हें बालू के नीचे एक भारी और सिलेंडर जैसी लोहे की वस्तु दिखाई दी। पहले तो मजदूरों ने इसे कोई पुराना मशीन का टुकड़ा समझा, लेकिन जब उस पर जमी मिट्टी साफ की गई तो उस पर अंग्रेजी में AN-M64 और Made in America लिखा हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद सभी लोग डर गए और तुरंत काम बंद कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया और तुरंत बहरागोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जब उस वस्तु को करीब से देखा तो अंदाजा लगाया गया कि यह कोई साधारण लोहे का टुकड़ा नहीं बल्कि एक खतरनाक बम हो सकता है। प्रारंभिक जांच के दौरान अधिकारियों ने बताया कि यह बम द्वितीय विश्व युद्ध के समय का अमेरिकी निर्मित बम हो सकता है। जानकारी के अनुसार इस बम का वजन लगभग 227 किलो यानी करीब 500 पाउंड बताया जा रहा है, जो अत्यंत घातक श्रेणी में आता है और अगर इसमें विस्फोट हो जाए तो कई किलोमीटर तक नुकसान हो सकता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत पूरे इलाके को खाली कराने का आदेश दिया और नदी के आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इसके बाद बम निरोधक दस्ता यानी BDDS टीम को बुलाया गया, जिसने मौके पर पहुंचकर बम की जांच की। टीम के अधिकारियों ने बताया कि यह बम काफी पुराना जरूर है लेकिन अभी भी एक्टिव हो सकता है, इसलिए बिना सुरक्षा के इसे छूना या हटाना बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। इसी कारण पूरे क्षेत्र में लोगों के जाने पर रोक लगा दी गई और सुरक्षा घेरा बना दिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में करीब 80 से 90 साल पहले हवाई गतिविधियां देखी जाती थीं। कई बुजुर्गों ने बताया कि पुराने समय में लड़ाकू विमान इस रास्ते से गुजरते थे और संभावना है कि किसी तकनीकी खराबी या वजन कम करने के कारण यह बम उस समय नदी में गिर गया होगा। हालांकि यह पूरी तरह जांच का विषय है, लेकिन जिस तरह से बम पर American Made और AN-M64 लिखा हुआ मिला है, उससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इस्तेमाल होने वाला बम हो सकता है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि यह बम इतने सालों तक पानी और बालू के नीचे दबा रहने के बावजूद सुरक्षित कैसे रहा और अब जाकर सामने आया। प्रशासन का कहना है कि बम को सुरक्षित तरीके से हटाने के लिए विशेषज्ञ टीम की मदद ली जा रही है और पूरी सावधानी बरती जा रही है ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। फिलहाल पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं।
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