गोड्डा: स्कूल तक आज भी नहीं पहुंची सड़क, कीचड़ में जूते-चप्पल हाथ में लेकर पढ़ने जाते बच्चे

शिक्षा के मंदिर तक आज तक नहीं पहुंची सड़क

शिक्षा के मंदिर तक आज तक नहीं पहुंची सड़क, बरसात में जूते-चप्पल हाथ में लेकर स्कूल पहुंचते हैं शिक्षक और बच्चे

बसंतराय | संवाददाता

विकास और शिक्षा को देश की प्रगति का आधार माना जाता है, लेकिन गोड्डा जिले के बसंतराय प्रखंड की सांचपुर सखी पंचायत के दक्षिण टोला स्थित नव प्राथमिक विद्यालय की तस्वीर इन दावों की वास्तविकता को उजागर करती है। आजादी के कई दशक बीत जाने के बावजूद इस विद्यालय तक पहुंचने के लिए अब तक एक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। विद्यालय तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह कच्चा है, जो सामान्य दिनों में भी आवागमन के लिए कठिन बना रहता है। बरसात शुरू होते ही यही रास्ता कीचड़ और जलभराव से भर जाता है, जिससे विद्यालय तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं होता। छोटे-छोटे बच्चों को अपने जूते-चप्पल हाथ में लेकर कीचड़ से गुजरना पड़ता है, जबकि शिक्षक भी इसी रास्ते से होकर विद्यालय पहुंचने के लिए मजबूर हैं।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुख्तार आलम ने बताया कि विद्यालय की स्थापना से लेकर आज तक यहां सड़क निर्माण नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि आज तक कोई भी चारपहिया वाहन विद्यालय परिसर तक नहीं पहुंच पाया है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। कई बार शिक्षक और छात्र-छात्राओं को घुटनों तक कीचड़ से होकर विद्यालय पहुंचना पड़ता है। ऐसे हालात में बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है और अभिभावक भी उन्हें स्कूल भेजने में हिचकिचाते हैं। उनका कहना है कि शिक्षा का अधिकार तभी सार्थक होगा जब बच्चों को विद्यालय तक सुरक्षित और सुगम रास्ता उपलब्ध कराया जाएगा।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में विद्यालय की नियमित उपस्थिति पर भी असर पड़ता है। कई छोटे बच्चे कीचड़ और फिसलन के कारण विद्यालय नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित होती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार इस समस्या को जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के सामने उठाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि विद्यालय तक पक्की सड़क का निर्माण हो जाए तो न केवल बच्चों और शिक्षकों को राहत मिलेगी, बल्कि गांव के लोगों को भी आने-जाने में सुविधा होगी।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, संबंधित विभाग तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि शिक्षा के इस मंदिर तक जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की बात करती है, लेकिन जब विद्यालय तक पहुंचने के लिए ही मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं है तो बच्चों का भविष्य कैसे सुरक्षित होगा। लोगों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करेगा, ताकि आने वाले समय में शिक्षक और विद्यार्थियों को कीचड़ भरे रास्तों से होकर विद्यालय जाने की मजबूरी से छुटकारा मिल सके।

MD ASIF EQUBAL

Md Asif Equbal एक समर्पित संवाददाता और पत्रकार हैं, जो समाज, शिक्षा और स्थानीय खबरों को सरल और सटीक तरीके से पाठकों तक पहुँचाते हैं। वे तथ्यपरक और निष्पक्ष रिपोर्टिंग में विश्वास रखते हैं और हर खबर को समय पर प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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