बिहार में तेज हुआ बुलडोजर एक्शन: समस्तीपुर में अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई

बिहार में नई सरकार के साथ तेज हुआ बुलडोजर अभियान

बिहार में नई सरकार के गठन के तुरंत बाद बुलडोजर एक्शन तेज, समस्तीपुर समेत कई जिलों में अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई

व्यापारियों और प्रशासन के बीच तनाव के बादल, बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल
अवतार न्यूज़ संवाददाता पटना/समस्तीपुर आज, 10:30 AM
बुलडोजर कार्रवाई की तस्वीर

समस्तीपुर: बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही प्रशासनिक तंत्र ने अतिक्रमण हटाने के अभियान में तेजी ला दी है। बुधवार की सुबह जैसे ही समस्तीपुर के मुख्य बाजार क्षेत्र में प्रशासन की संयुक्त टीम ने बुलडोजर लेकर प्रवेश किया, पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। जिला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारियों की टीम ने पुलिस बल के भारी पहरेदारी में मुख्य चौक, स्टेशन रोड, काशीपुर और रोसड़ा रोड इलाके में अवैध रूप से कब्जा की गई जमीन और फुटपाथों पर बनी सैकड़ों दुकानों व ठेलों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया।

इस कार्रवाई ने पूरे बाजार में हड़कंप मचा दिया, जहाँ दुकानदार अपनी दुकानों का सामान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। कई स्थानों पर व्यापारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक की स्थिति भी पैदा हो गई, जबकि पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित करने का पूरा प्रयास किया। प्रशासन का कहना है कि बार-बार नोटिस और चेतावनी देने के बाद भी कई व्यापारियों ने सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण जारी रखा था, जिससे शहर में यातायात जाम की समस्या निरंतर बढ़ती जा रही थी।

प्रभावित क्षेत्र

  • मुख्य चौक और आसपास का बाजार क्षेत्र
  • स्टेशन रोड के दोनों ओर की दुकानें
  • काशीपुर रिहायशी इलाका
  • रोसड़ा रोड का व्यावसायिक क्षेत्र

व्यापारियों की ओर से इस कार्रवाई पर भारी रोष व्यक्त किया गया। उनका कहना है कि त्योहारी सीजन के बाद व्यापार पहले ही काफी सुस्त चल रहा था और ऐसे नाजुक समय पर प्रशासन द्वारा बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानें तोड़ना उनके लिए भारी आर्थिक नुकसान का कारण बना। कई प्रभावित व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने वर्षों की मेहनत और पूंजी लगाकर इन दुकानों को बनाया था और यदि प्रशासन थोड़ा समय दे देता तो वे अपना सामान सुरक्षित हटा लेते।

"हमने वर्षों की कमाई लगाकर यह दुकान बनाई थी। प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक कार्रवाई शुरू कर दी। कम से कम हमें सामान निकालने का मौका तो देना चाहिए था।" - रमेश कुमार, प्रभावित दुकानदार

स्थानीय व्यापारी संगठनों ने भी इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। व्यापार मंडल के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाना निश्चित रूप से जरूरी है, लेकिन सरकार की यह जिम्मेदारी भी बनती है कि वह छोटे दुकानदारों के लिए वैकल्पिक व्यवसायिक स्थल उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि बिना किसी विकल्प के अचानक की गई ऐसी कार्रवाई सैकड़ों परिवारों की आजीविका के स्रोत को समाप्त कर देती है।

अन्य जिलों में कार्रवाई

समस्तीपुर के अलावा, निम्नलिखित जिलों में भी अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया है:

  • पटना - मुख्य शहरी क्षेत्र
  • दरभंगा - बाजार और स्टेशन क्षेत्र
  • गया - तीर्थयात्रा मार्ग
  • मुजफ्फरपुर - लीची बागान क्षेत्र
  • वैशाली - ऐतिहासिक स्थलों के आसपास
  • सारण - मुख्य मार्ग

जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कार्रवाई को पूरी तरह से नियमानुसार बताया। उनके अनुसार नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह के अवैध निर्माण और सड़क कब्जा करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। प्रशासनिक सूत्रों का दावा है कि अगर शहर को वास्तव में साफ, सुंदर और जाममुक्त बनाना है तो अतिक्रमण हटाना बेहद जरूरी है। कई वर्षों से लंबित पड़े इस अभियान को अब पूरी सख्ती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार सरकार के गठन के बाद 'कानून-व्यवस्था और शहरी सुधार' को प्राथमिकता दी गई है और इसी कड़ी में आने वाले दिनों में और भी बड़े पैमाने पर जमीन कब्जा, अवैध निर्माण और सड़क अतिक्रमण पर कार्रवाई जारी रखी जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बुलडोजर एक्शन आने वाले कुछ हफ्तों तक लगातार रह सकता है, क्योंकि नई सरकार शहरी व्यवस्था में सुधार को अपनी प्रमुख उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है।

यह मामला सरकार की विकास और कानून व्यवस्था की प्राथमिकताओं और आम लोगों की आजीविका के बीच के संतुलन का प्रश्न खड़ा करता है। जहां एक ओर शहरों को व्यवस्थित करना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर छोटे व्यापारियों के हितों का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अब देखना यह है कि यह तनाव कब तक जारी रहता है और क्या प्रशासन और व्यापारियों के बीच कोई समझौता हो पाता है।

MD ASIF EQUBAL

Md Asif Equbal एक समर्पित संवाददाता और पत्रकार हैं, जो समाज, शिक्षा और स्थानीय खबरों को सरल और सटीक तरीके से पाठकों तक पहुँचाते हैं। वे तथ्यपरक और निष्पक्ष रिपोर्टिंग में विश्वास रखते हैं और हर खबर को समय पर प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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