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साइबर अपराध: एपीके फाइल को पीडीएफ बनाकर भेज रहे ठग, जानें नया तरीका

साइबर अपराध: गोड्डा में पुलिस अधिकारी के नंबर से भेजा गया फर्जी मैसेज

साइबर ठगों का नया हथियार: एपीके फाइल को पीडीएफ बनाकर भेज रहे हैं ठग

गोड्डा, झारखंड
15 मार्च, 2024
साइबर अपराध
साइबर अपराधियों ने गोड्डा में एक नया तरीका अपनाते हुए जिप चेयरमैन प्रतिनिधि सूरज सिंह को निशाना बनाया। ठगों ने पुलिस अधिकारी के नंबर से व्हाट्सएप पर गाड़ी चालान के नाम पर फर्जी मैसेज भेजा।
साइबर अपराधियों ने पुलिस अधिकारी के नंबर का किया दुरुपयोग

गोड्डा जिले में साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। इस बार ठगों ने जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि सूरज सिंह को अपना निशाना बनाने की कोशिश की है। हैरानी की बात यह है कि साइबर अपराधियों ने जिले के एक पुलिस अधिकारी के नंबर का इस्तेमाल कर व्हाट्सएप पर एपीके/पीडीएफ फाइल भेजी थी।

क्या हुआ था?

जानकारी के अनुसार यह मैसेज गाड़ी के चालान के नाम पर भेजा गया था जो पूरी तरह से सरकारी और सही लग रहा था। लेकिन सतर्कता दिखाते हुए लिंक को क्लिक नहीं किया गया और तुरंत अपने सभी अकाउंट होल्ड करा दिए। इसके बाद परिवहन विभाग को पूरे मामले की जानकारी देकर पूछा गया तो पता चला कि विभाग द्वारा कोई मैसेज नहीं भेजा गया है।

जानकारी के अनुसार साइबर अपराधी अब नए तरीके से एपीके फाइल को पीडीएफ का रूप देकर भेज रहे हैं। जैसे ही कोई यूजर इस फाइल को डाउनलोड या ओपन करता है, उसका मोबाइल हैक हो जाएगा। इतना ही नहीं, मोबाइल में सेव सभी व्हाट्सएप कॉन्टैक्ट्स पर वहीं एपीके फाइल अपने-आप भेजी जा सकती है और देखते ही देखते बैंक अकाउंट खाली हो सकता है।

सावधानी बरतें

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अब ठग एपीके फाइल को पीडीएफ फाइल के रूप में प्रच्छन्न (disguise) करके भेज रहे हैं। यह फाइलें देखने में सामान्य पीडीएफ दस्तावेज की तरह लगती हैं, लेकिन वास्तव में ये मैलवेयर से भरी होती हैं जो आपके डिवाइस को हैक कर सकती हैं।

साइबर ठगों से बचने के उपाय

1. अज्ञात लिंक न खोलें

अनजान नंबरों या अज्ञात स्रोतों से प्राप्त किसी भी लिंक या अटैचमेंट को न खोलें, भले ही वह कितना भी आधिकारिक क्यों न दिखे।

2. सीधे विभाग से संपर्क करें

किसी भी सरकारी संदेश की पुष्टि सीधे संबंधित विभाग के आधिकारिक नंबर या कार्यालय से करें।

3. एंटीवायरस सॉफ्टवेयर रखें

अपने स्मार्टफोन और कंप्यूटर में अद्यतन एंटीवायरस सॉफ्टवेयर स्थापित रखें।

4. तुरंत रिपोर्ट करें

कोई भी संदिग्ध गतिविधि मिलने पर तुरंत साइबर सेल या पुलिस को रिपोर्ट करें।

गोड्डा पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और साइबर सेल के माध्यम से इस नए तरीके के साइबर अपराध को ट्रेस करने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी प्रकार के संदिग्ध संदेश को अनदेखा करने की अपील की है।

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