UP Cabinet Big Decision: JS University की मान्यता रद्द, 15 हजार छात्रों के भविष्य पर फैसला

UP Cabinet Big Decision: शिकोहाबाद की JS University की मान्यता रद्द, 15 हजार छात्रों के भविष्य पर बड़ा फैसला

यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: शिकोहाबाद की JS यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द, 15 हजार से अधिक छात्रों के भविष्य पर अहम निर्णय

लखनऊ | मंगलवार
JS University Shikohabad Recognition Cancelled

उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार को शिक्षा जगत से जुड़ा एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया। फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद स्थित जेएस यूनिवर्सिटी की मान्यता को पूरी तरह से रद्द करने का निर्णय कैबिनेट द्वारा स्वीकृत कर लिया गया। यह फैसला न केवल विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए बल्कि वहां अध्ययनरत 15 हजार से अधिक छात्रों के भविष्य के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि जेएस यूनिवर्सिटी द्वारा शैक्षणिक नियमों का गंभीर उल्लंघन किया गया है। जांच में सामने आया कि विश्वविद्यालय ने कुछ पाठ्यक्रमों में फर्जी, बैकडेट और नियमविरुद्ध तरीके से डिग्रियां और मार्कशीट जारी की थीं।

सरकार का स्पष्ट संदेश: शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विशेष रूप से बीपीएड (B.P.Ed) पाठ्यक्रम से जुड़ा फर्जी डिग्री मामला सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। इन डिग्रियों का उपयोग राजस्थान समेत अन्य राज्यों की शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं में किया गया था, जिससे पूरे शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए।

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और कुलसचिव की गिरफ्तारी के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए जेएस यूनिवर्सिटी की मान्यता समाप्त करने का निर्णय लिया।

हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि छात्रों के भविष्य को अंधकार में नहीं छोड़ा जाएगा। जेएस यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे लगभग 15 हजार छात्रों को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से संबद्ध किया जाएगा। यूनिवर्सिटी के सभी शैक्षणिक अभिलेख, परीक्षा रिकॉर्ड और प्रमाण पत्र आगरा विश्वविद्यालय को सौंपे जाएंगे।

आगरा विश्वविद्यालय अब छात्रों की डिग्रियों, मार्कशीट और दाखिले की प्रक्रिया की गहन जांच और सत्यापन करेगा। जिन छात्रों ने नियमों के तहत पढ़ाई पूरी की है, उनके शैक्षणिक अधिकार सुरक्षित रखे जाएंगे।

इस फैसले को उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी यदि किसी विश्वविद्यालय में इस प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

कुल मिलाकर, जेएस यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द होना जहां एक कड़ा संदेश है, वहीं छात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर सरकार ने यह भी साबित किया है कि ईमानदार विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रखना उसकी प्राथमिकता है। अधिक जाने...

MD ASIF EQUBAL

Md Asif Equbal एक समर्पित संवाददाता और पत्रकार हैं, जो समाज, शिक्षा और स्थानीय खबरों को सरल और सटीक तरीके से पाठकों तक पहुँचाते हैं। वे तथ्यपरक और निष्पक्ष रिपोर्टिंग में विश्वास रखते हैं और हर खबर को समय पर प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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