झारखंड सरकार ने ट्यूनीशिया में फंसे 48 प्रवासी मजदूरों से संपर्क स्थापित किया, सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया शुरू

Jharkhand Migrant Workers Tunisia

झारखंड सरकार ने ट्यूनीशिया में फंसे 48 प्रवासी मजदूरों से संपर्क स्थापित किया, सुरक्षित वापसी की पहल शुरू

झारखंड सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ट्यूनीशिया में फंसे राज्य के 48 प्रवासी मजदूरों से संपर्क स्थापित किया है। ये सभी मजदूर बेहतर रोजगार और आजीविका की तलाश में ट्यूनीशिया गए थे, लेकिन हाल ही में वहां की परिस्थितियां बिगड़ने और काम बंद होने के कारण वे मुश्किल में फंस गए थे। अब राज्य सरकार ने उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए पहल शुरू कर दी है।

राज्य के श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग ने भारतीय दूतावास, ट्यूनिस के सहयोग से सभी मजदूरों से संपर्क साधा है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सभी मजदूर सुरक्षित हैं और उनकी पहचान की पुष्टि की जा चुकी है। मजदूरों को फिलहाल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को मजदूरों की जल्द से जल्द स्वदेश वापसी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने नागरिकों की हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे वे देश में हों या विदेश में।

सूत्रों के मुताबिक, फंसे हुए मजदूरों में अधिकांश गोड्डा, गिरिडीह, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़ और देवघर जिलों से हैं। कई मजदूरों ने अपने परिजनों से संपर्क कर मदद की गुहार लगाई थी। इसके बाद झारखंड प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने सक्रिय होकर उनकी लोकेशन की जानकारी जुटाई और ट्यूनीशिया स्थित भारतीय दूतावास से सहायता मांगी।

श्रम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मजदूरों को स्थानीय परिस्थितियों और कानूनी प्रक्रियाओं के कारण फिलहाल वहीं रोका गया है, लेकिन उन्हें किसी प्रकार का खतरा नहीं है। सभी को भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि मजदूरों को उनका बकाया वेतन भी दिलाया जाए।

इस घटना ने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और विदेशों में कार्य परिस्थितियों पर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। झारखंड सरकार ने घोषणा की है कि राज्य से विदेश जाने वाले सभी श्रमिकों का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में उन्हें त्वरित सहायता मिल सके।

झारखंड सरकार की यह पहल उन परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, जो कई दिनों से अपने परिजनों की सलामती को लेकर चिंतित थे। अब उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सभी मजदूर सुरक्षित रूप से अपने घर लौट सकेंगे।

📅 प्रकाशित: 1 नवंबर 2025 | रिपोर्ट: Avatar News | स्रोत: श्रम विभाग एवं सरकारी बयान

MD ASIF EQUBAL

Md Asif Equbal एक समर्पित संवाददाता और पत्रकार हैं, जो समाज, शिक्षा और स्थानीय खबरों को सरल और सटीक तरीके से पाठकों तक पहुँचाते हैं। वे तथ्यपरक और निष्पक्ष रिपोर्टिंग में विश्वास रखते हैं और हर खबर को समय पर प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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