झारखंड में फसल बर्बादी के बाद किसान बीमा क्लेम के लिए परेशान, कंपनियाँ कर रही रिजेक्ट

झारखंड में फसल बर्बादी के बाद किसानों को बीमा क्लेम में परेशानी
Farmers Crop Loss

झारखंड में फसल बर्बादी के बाद किसान बीमा क्लेम के लिए परेशान, कंपनियाँ कर रही रिजेक्ट

रिपोर्ट: झारखंड | दिनांक: 02 दिसम्बर 2025

झारखंड में इस बार भारी बारिश, ओलावृष्टि और प्राकृतिक आपदा के कारण पूरे राज्य में किसानों की फसलें बुरी तरह बर्बाद हो गईं। लेकिन किसानों को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब उन्होंने बीमा क्लेम करना शुरू किया और इंश्योरेंस कंपनियों ने बड़े पैमाने पर क्लेम रिजेक्ट करना शुरू कर दिया।

मंत्री नेहा तिर्की ने कई जिलों में समीक्षा बैठक करते हुए किसानों से अपील की कि “जो भी किसान पॉलिसी धारक हैं, वे तुरंत अपना-अपना बीमा क्लेम करें ताकि उन्हें राहत मिल सके।” लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग दिख रही है।

किसानों का आरोप है कि उन्होंने समय पर आवेदन किया, सभी दस्तावेज जमा किए, फिर भी कंपनी बिना कारण बताए क्लेम रिजेक्ट कर रही है।

जब पीड़ित किसानों ने इंश्योरेंस कंपनी को कॉल किया, तो उन्हें तरह-तरह की तकनीकी वजहें बताकर मामला टाल दिया गया। कई किसानों ने कहा कि कॉल पर कंपनी प्रतिनिधि ने बताया कि—

“सिस्टम में आपका डेटा नहीं दिख रहा है… सर्वर डाउन है… आपकी फसल नुकसान रिपोर्ट अपडेट नहीं है…” कम्पनी का साफ कहना की जो फसल कड़ी है उसपर आपके राज्य में कार्यवाही नही की सकता , लेकिन ऐसा नही है इन्शुरन्स कम्पनी के द्वारा ताल मटोल करके claim को रिजेक्ट किया जा रहा है

किसानों का कहना है कि सरकार और कंपनी दोनों की चुप्पी ने उन्हें निराश कर दिया है। फसल बर्बाद होने के बाद अब बीमा क्लेम न मिलने की स्थिति में उनका आर्थिक संकट और गंभीर हो गया है।

किसानों ने सरकार से मांग की है कि जिले-दर-जिले कैंप लगाकर बीमा कंपनियों पर कार्रवाई की जाए और सभी योग्य किसानों को उनका हक मिल सके।

MD ASIF EQUBAL

Md Asif Equbal एक समर्पित संवाददाता और पत्रकार हैं, जो समाज, शिक्षा और स्थानीय खबरों को सरल और सटीक तरीके से पाठकों तक पहुँचाते हैं। वे तथ्यपरक और निष्पक्ष रिपोर्टिंग में विश्वास रखते हैं और हर खबर को समय पर प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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