झारखंड सरकार की अपील के बावजूद बसंतराय में अपात्र लाभुकों को PDS का लाभ क्यों?
अवतार न्यूज | बसंतराय संवाददाता
बसंतराय। गोड्डा जिले के बसंतराय प्रखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन वितरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि क्षेत्र में ऐसे कई लोग अब भी सरकारी राशन का लाभ उठा रहे हैं, जो सरकारी नौकरी में हैं या जिनके पास चार पहिया वाहन तक मौजूद है।
सरकार द्वारा समय-समय पर राज्य के कई जिलों में अभियान चलाकर अपात्र लाभुकों के नाम राशन कार्ड से हटाए जाते हैं। सरकारी नौकरी करने वाले, आयकर दाता और अन्य अपात्र लाभुकों की पहचान कर उनके नाम राशन कार्ड से हटाने की कार्रवाई भी की जाती है।
लेकिन सवाल यह है कि गोड्डा जिले के बसंतराय प्रखंड में ऐसी कार्रवाई कब होगी?
जब झारखंड सरकार खुद अपात्र लाभुकों से अपना नाम हटवाने की अपील कर रही है, तो क्या बसंतराय प्रखंड में विभागीय स्तर पर इसकी जांच नहीं होनी चाहिए? क्या यहां ऐसे लाभुकों की पहचान करने के लिए कोई विशेष अभियान चलाया जा रहा है?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कुछ ऐसे लाभुक भी PDS का राशन उठा रहे हैं, जो सरकारी नौकरी में हैं या जिनके पास चार पहिया वाहन है। इस संबंध में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) को सूचना दिए जाने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप है।
BSO की कार्यशैली पर सवाल
यदि विभाग को अपात्र लाभुकों की जानकारी दी जा चुकी है, तो फिर अब तक उनके राशन कार्ड की जांच क्यों नहीं की गई? क्या BSO द्वारा ऐसे लाभुकों की सूची तैयार कर जांच कराई जाएगी?
आखिर जब सरकार खुद अपात्र लाभुकों से अपना नाम हटाने की अपील कर रही है, तो बसंतराय में इस दिशा में कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई दे रही है?
ऐसे डीलरों पर भी हो कार्रवाई
सबसे बड़ा सवाल उन जन वितरण प्रणाली दुकानदारों (डीलरों) पर भी उठता है, जिनकी दुकानों से ऐसे अपात्र लाभुक लगातार राशन उठा रहे हैं।
यदि किसी डीलर को जानकारी है कि कोई लाभुक सरकारी नौकरी में है या नियमों के अनुसार PDS राशन के लिए पात्र नहीं है, तो फिर इसकी सूचना विभाग को क्यों नहीं दी जा रही है?
क्या BSO ऐसे डीलरों की भी जांच करेंगे?
यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी डीलर को अपात्र लाभुक के बारे में जानकारी थी और इसके बावजूद लगातार राशन दिया जा रहा था, तो ऐसे डीलरों की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
गरीबों का हक आखिर कब मिलेगा?
झारखंड सरकार की अपील का उद्देश्य साफ है—जो लोग सरकारी राशन के लिए पात्र नहीं हैं, वे अपना नाम हटवा लें, ताकि उन गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राशन मिल सके, जिनका नाम राशन कार्ड में नहीं है या जिन्हें वास्तव में सरकारी सहायता की जरूरत है।
लेकिन अगर अपात्र लोग लगातार सरकारी राशन का लाभ लेते रहेंगे और पात्र गरीब परिवार इस लाभ से वंचित रहेंगे, तो यह सीधे तौर पर गरीबों के अधिकार पर सवाल खड़ा करता है।
BSO और जिला प्रशासन से सवाल
🔴 बसंतराय प्रखंड में अपात्र राशन कार्डों की जांच कब होगी?
🔴 सरकारी नौकरी करने वाले और अन्य अपात्र लाभुकों के नाम राशन कार्ड से कब हटाए जाएंगे?
🔴 ऐसे लाभुकों को राशन देने वाले डीलरों पर क्या कार्रवाई होगी?
🔴 झारखंड सरकार की अपील को बसंतराय में कब गंभीरता से लागू किया जाएगा?
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और झारखंड सरकार से मांग की है कि बसंतराय प्रखंड में राशन कार्डों की विशेष जांच कराई जाए और अपात्र लाभुकों को सरकारी राशन का लाभ मिलने से रोका जाए, ताकि वास्तविक गरीब और जरूरतमंद परिवारों को उनका हक मिल सके।
अब देखना यह होगा कि बसंतराय में विभाग इस मामले पर कार्रवाई करता है या फिर अपात्र लाभुकों को सरकारी राशन का लाभ मिलता रहेगा।