बोकारो और चास क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की 44 वारदातों के पीछे कुख्यात “हाफ पैंट गिरोह” का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड झारखंड पुलिस के एक एएसआई का बेटा है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य पहले इलाके में घरों की रेकी करते थे। इसके बाद कार के जरिए साथियों को लक्ष्य स्थान पर उतार दिया जाता था, जबकि मास्टरमाइंड कुछ दूरी पर कार लेकर इंतजार करता था। चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी उसी कार से फरार हो जाते थे।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि चोरी का पूरा सामान इसी कार के माध्यम से सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया जाता था। गिरोह के सदस्य बेहद शातिर तरीके से वारदातों को अंजाम देते थे, जिससे लंबे समय तक पुलिस को भनक नहीं लग सकी।
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि चोरी किए गए गहनों को खपाने के लिए गिरोह का संपर्क ज्वेलर्स से था। बिहार के सिवान जिला निवासी रानी ज्वेलर्स के मालिक से संपर्क कर चोरी के गहनों को वहां ले जाकर गलाया जाता था।
गलाए गए गहनों से नए गहने बनवाकर उन्हें दोबारा बोकारो में बेच दिया जाता था। पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हुए गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
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